मगर बुजुर्गों को बच्चों का सहारा होता है ग़ज़ल
ये बात सच है कि बादल आवारा होता है
मगर बुजुर्गों को बच्चों का सहारा होता है।
जब अँधेरों में गुजरती है चाँद की रातें
थका थका तब सुबह का तारा होता है।
बने ना ताजमहल फिर से दुनिया में कभी
यहां मुश्किल से गरीबों का गुजारा होता है।
एक चिंगारी जला देती है बस्ती सारी
अगर मेरों को आँधियों का सहारा होता है।
कली मासूम है खिलने दो इसे बाग़ में
बदलती रुत में मौसम का इशारा होता है।
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